Friday, August 1, 2014
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औरत यानि समाज की इज्ज़त
***औरत यानि समाज की इज्ज़त*** तू प्रेम में राधा बनी , गृहस्थी मे बनी जानकी..... अब तू भी अपना रूप बदल ..... कि अब बात है तेरे सुरक्षा और सम्...
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Kaam Jab bhi koi nya kijye Mashwara dosto kar liya kijye Aayine ki trah saaf hai dil mera Aap bhi apna dil aayina...
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....... ایم جے راھی اسکی آنکھوں میں محبّت کی کمی دیکھی ہے جسکی خاطر میری آنکھوں نے نمی دیکھی ہے www.facebook.com/mjrahi
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कभी गाँव गाँव कभी शहर शहर कभी शाम शाम कभी दोपहर कभी बार बार कभी एक नज़र कभी इस नगर कभी उस नगर तुझे ढूंढ़ती है हर घड़ी मेर...
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