Saturday, August 30, 2014

....हज़ारों को दर्द है

घायल है आसमां तो सितारों को दर्द है ,
हम ही नहीं हैं तनहा हज़ारों को दर्द  है.

जब लूट गई बहार में गुलशन की आबरू,
 फूलों की चाल देख के खरों को दर्द है.


……एम जे राही 

Sunday, August 24, 2014

गुल व बुलबुल

  मैंने देखा एक बुलबुल को 
कान में कुछ कहते हुए गुल को 

डाल डाल पर घूम घूम कर 
बुलबुल गाती झूम झूम कर 


Wednesday, August 13, 2014

बहुत ज़रूरी है।

सवाल खुद पे उठाना बहुत ज़रूरी है ,
खुदी को यार बचाना बहुत ज़रूरी है।

मेरा तो कोई नही है, मगर वो मुश्किल में,
सदा जो दी है तो जाना बहुत ज़रूरी है।

………… एम जे राही 

Monday, August 11, 2014

दर्द तो होता है,

  ज़िन्दगी है, ज़िंदा हैं, और दर्द न हो भला यह कैसे मुमकिन है?

बचपन में खिलौने टूट जाने का दर्द ,
स्कूल न जाना पड़े इस के लिए पेट में दर्द ,
अमरुद के पेड़ पर चढ़ना, और  फिर पेड़ से
 गिरजाने पर पुरे बदन में दर्द ,
 छुट्टियों में घर जाना और 
फिर छुट्टियों के ख़त्म होने का दर्द 
परीक्षा सफल होने के बावजूद 
एक विषय में कम नंबर आने का दर्द,
स्कूल ख़त्म होने पर दोस्तों से बिछड़ने का दर्द 
............. जारी 

Sunday, August 10, 2014

मै आईना हुँ.

  मै आईना  हुँ  ज़रा  आओ  इधर  देखो
क़सम खुदा की संवर जाओगी एक नज़र देखो

  दर्द प्रदेश में कितना है सुकूँ कितना है
ये समझने के लिए करके एक सफर देखो

आह दिल से निकलते ही सरे अर्श पहुँच जाती है
  यूँ तो कहने को नही कोई बाल व पर देखो

………………… एम जे राही 

Friday, August 8, 2014

चरित्र

                       किसी महान व्यक्ति का कहना है  कि अगर आपके हाथ से पैसा गया तो समझो कुछ गया , अगर स्वस्थ गया तो समझो बहुत कुछ गया और अगर चरित्र गया तो समझो सब कुछ चला गया। चरित्र इंसान को समाज में अलग पहचान बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है , यही वजह है की दुन्या में मनुष्य को किसी न किसी रूप में कई बार अपने चरित्र की परीक्षा देनी पड़ती है..........
......................... जारी 

Wednesday, August 6, 2014

याद ..

..............याद ............

   आज यादों से मैंने कहा आप की
  तुम्हें भी  कभी साथ  लाये  ज़रा

हंस कर कहने लगी मुझसे याद आपकी
सब्र करना तो  दिल को सिखा दे ज़रा..

............mjrahi

Friday, August 1, 2014

تو ڈ ر جاےگا

آئینہ  خوف  سے  واقف  تو  نہیں  ہے  لیکن

 .میری آنکھوں میں جو  دیکھے  گا تو ڈ ر جاےگا ..

........................ایم  جے راھی 


औरत यानि समाज की इज्ज़त

***औरत यानि समाज की इज्ज़त*** तू प्रेम में राधा बनी , गृहस्थी मे बनी जानकी..... अब तू भी अपना रूप बदल ..... कि अब बात है तेरे सुरक्षा और सम्...